प्रिय आदित्य, रजनीश और वंदना,
आप सभी के सवालों के जवाब बहुत संक्षेप में एक साथ दे देता हु.
१.आदित्य मन को एकाग्र करने की कोशिश बिलकुल मत करो बल्कि पहले यह देखो की मन की गति और रूचि किस और हे ? और वह क्या चाहता हे? मेरे प्यारे दोस्त, मन से लडो मत, और न ही मन के साथ जबरदस्ती करो. मन के साथ कुश्ती मत करो उसके साथ दुश्मन के जैसे बर्ताव मत करो, मन को दोस्त बनाओ, उसकी बात सुनो, मन को समझो, फिर अपने आप ही मन एकाग्र होने लगेगा. मेरे दोस्त यह ताकत का मामला नहीं प्रेम का मामला हे, मन ताकत की भाषा नहीं समझता हे बल्कि केवल और केवल प्रेम की भाषा समझता हे,
२. रजनीश, ख़ुशी से जीने की सबसे बड़ी कला हे, लोगो से कुछ भी उम्मीदे मत करो, बल्कि किसी से भी कुछ उम्मीद मत करो, में तो यहाँ तक कहुगा की भगवान से भी कुछ भी आशा मत रखो, सारी आशाये व अपेक्षाए एक दिन हमें नरक में ले जाती हे, ये हमें बोझिल बनती हे.समस्त आग्रह दुराग्रह हे जो इन्सान , हर हाल में खुद से ही संतुष्ट रहना जानता हे, समझो की उसने खुश रहने की कला सीख ली हे,यदि आज तुम नरक में जी रहे हो तो इसके जिम्मेदार केवल तुम हो और कल यदि तुम स्वर्ग में जीने लगोगे तो उसके जिम्मेदार भी तुम ही होगे. हमारे सुखो और दुखो के लिए केवल हम ही जिम्मेदार हे कोई और नहीं .
3.वंदना तुमने वैवाहिक जीवन की समस्या के बारे में पूछा हे, पर यदि हम समझदारी से नहीं चले तो विवाह अपने आप में एक बड़ी समस्या हे, तुमने सुना हे यह शब्द '' विवाह-बंधन '' अब कुछ समझ आया ? विवाह सम्बन्ध नहीं एक बंधन हे ! यदि तुम सार्वजानिक रूप से मेरा उत्तर विस्तार से जानना चाहती हो तो में इस ब्लॉग में उत्तर दूंगा और यदि तुम व्यक्तिगत रूप से जवाब चाहती हो तो कृपया मुझे god_from_indore@yahoo.co.in पर ईमेल करो.
Monday, November 9, 2009
Wednesday, October 14, 2009
ऐसे रोज डर-डर कर, हर पल मर-मर कर कब तक जीओगे ???
प्रिय दोस्तों,
जीवन में अनेक दुःख हे ! लेकिन इस दुनिया में हर कोई खुशी चाहता हें। भारत गुरुओ की भूमि हें, और इंदौर शहर में रह रहे लाइफ-स्टाइल गुरु स्वामी उज्जवल जी से अपनी जिंदगी की हर समस्या से जुड़े सवाल आप यहाँ इस ब्लॉग में कर सकते हे। स्वामी उज्जवल जी के मार्ग-दर्शन में इन्टरनेट पर अंग्रेजी में भी ''हैप्पी लाइफ'' नाम से एक याहू ग्रुप विगत कई वर्षो से संचालित किया जा रहा हे। इस ग्रुप में पुरी दुनिया के लगभग २००० सदस्य हे तथा हिन्दी जानने वालो की बहुत मांग पर स्वामी उज्जवल जी का मार्ग- दर्शन प्राप्त करने के लिए इस हिन्दी ग्रुप का निर्माण किया गया हे। कृपया आप अपनी जिंदगी की विभिन्न समस्याओं व दुनिया से जुड़े अपने सवाल यहाँ निसंकोच स्वामी उज्जवल जी से कर सकते हे जिनका उत्तर स्वामी उज्जवल जी द्वारा इस ब्लॉग में दिया जाएगा ,साथ ही आप स्वामी जी से आन लाइन परामर्श प्राप्त कर सकते हे व मोबाइल नम्बर - 94240-82327 पर भी संपर्क कर सकते हे । आप नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अपने सवाल इंग्लिश या हिंदी में लिख सकते हे, हिंदी में लिखने के लिए आप रोमन इंग्लिश में टाइप कर सकते हे या फिर इस ब्लॉग में दाई और उपर देखिये हिंदी में लिखने के लिए गूगल का लिंक दिया गया हे , आप उस पर क्लिक कर उसे खोले और उसमे अपने सवाल या विचार टाइप कर के यहाँ से कॉपी कर के कमेन्ट बॉक्स में पेस्ट कर सकते हे.
आप इस ग्रुप से निशुल्क जुड़ने के लिए Follow पर क्लिक करे.
जीवन में अनेक दुःख हे ! लेकिन इस दुनिया में हर कोई खुशी चाहता हें। भारत गुरुओ की भूमि हें, और इंदौर शहर में रह रहे लाइफ-स्टाइल गुरु स्वामी उज्जवल जी से अपनी जिंदगी की हर समस्या से जुड़े सवाल आप यहाँ इस ब्लॉग में कर सकते हे। स्वामी उज्जवल जी के मार्ग-दर्शन में इन्टरनेट पर अंग्रेजी में भी ''हैप्पी लाइफ'' नाम से एक याहू ग्रुप विगत कई वर्षो से संचालित किया जा रहा हे। इस ग्रुप में पुरी दुनिया के लगभग २००० सदस्य हे तथा हिन्दी जानने वालो की बहुत मांग पर स्वामी उज्जवल जी का मार्ग- दर्शन प्राप्त करने के लिए इस हिन्दी ग्रुप का निर्माण किया गया हे। कृपया आप अपनी जिंदगी की विभिन्न समस्याओं व दुनिया से जुड़े अपने सवाल यहाँ निसंकोच स्वामी उज्जवल जी से कर सकते हे जिनका उत्तर स्वामी उज्जवल जी द्वारा इस ब्लॉग में दिया जाएगा ,साथ ही आप स्वामी जी से आन लाइन परामर्श प्राप्त कर सकते हे व मोबाइल नम्बर - 94240-82327 पर भी संपर्क कर सकते हे । आप नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अपने सवाल इंग्लिश या हिंदी में लिख सकते हे, हिंदी में लिखने के लिए आप रोमन इंग्लिश में टाइप कर सकते हे या फिर इस ब्लॉग में दाई और उपर देखिये हिंदी में लिखने के लिए गूगल का लिंक दिया गया हे , आप उस पर क्लिक कर उसे खोले और उसमे अपने सवाल या विचार टाइप कर के यहाँ से कॉपी कर के कमेन्ट बॉक्स में पेस्ट कर सकते हे.
आप इस ग्रुप से निशुल्क जुड़ने के लिए Follow पर क्लिक करे.
Subscribe to:
Comments (Atom)